Category: किताबों पर चर्चा

‘इस समय तक’ में प्रकृति निरूपण‘इस समय तक’ में प्रकृति निरूपण

के. पी. अनमोल हिन्दी कविता और प्रकृति का बहुत पुराना संबंध रहा है। यह संबंध मानव इतिहास के लगभग प्राचीन संबंधों में एक होना चाहिए क्योंकि मानव-बोध ने जब आरम्भ में आँखें खोली होंगी तो सबसे पहले प्रकृति को ही ...

‘इस समय तक’ : प्रवासी भारतीय की भारतीय कविताएँ‘इस समय तक’ : प्रवासी भारतीय की भारतीय कविताएँ

डॉ. नीलोत्पल रमेश प्रवासी भारतीय धर्मपाल महेंद्र जैन का पहला कविता संग्रह ‘इस समय तक’ अभी-अभी प्रकाशित हुआ है। इस संग्रह में धर्मपाल महेंद्र जैन की 78 कविताएँ संकलित हैं जिसमें कवि ने अपनी स्मृतियों के सहारे अपने देश और ...