Tag: इस समय तक

‘इस समय तक’ में प्रकृति निरूपण‘इस समय तक’ में प्रकृति निरूपण

के. पी. अनमोल हिन्दी कविता और प्रकृति का बहुत पुराना संबंध रहा है। यह संबंध मानव इतिहास के लगभग प्राचीन संबंधों में एक होना चाहिए क्योंकि मानव-बोध ने जब आरम्भ में आँखें खोली होंगी तो सबसे पहले प्रकृति को ही ...

प्रवासी कवि की कविताएँ – प्रकृति और जीवन के सहकार के लिएप्रवासी कवि की कविताएँ – प्रकृति और जीवन के सहकार के लिए

प्रो. बी.एल. आच्छा धर्मपाल महेन्द्र जैन से मेरा साक्षात्कार उनके व्यंग्यों की मार से ही हुआ है। इतने चुभते-चुभाते काँटों के बीच ‘इस समय तक’ का काव्य राग सर्वथा अलहदा है। ये कविताएँ जितनी राग वत्सल हैं, उतनी ही अपने ...