Tag: गडरिए

उस समय सेउस समय से

उस समय से इस समय तक बस गडरिए ही चले गर्दन झुका भेड़ें जुड़ती रहीं। करोड़ों भेड़ें लील गया महाभारत कलिंग में बहीं खून की नदियाँ धुँआ हो गया हिरोशिमा वियतनाम, ईरान से सीरिया तक आदमी ही कटा, गडरिए चलते ...