Tag: माँ

सुबहसुबह

मटके में ठंडा पानी चलातीजब तुम्हारी चूड़ियाँ खनकती हैं माँ,मैं सुनता हूँजल तरंग पर राग भैरवी,माँ तब होती है सुबह। ...