Tag: व्यंग्य

व्यंग्य लेखन खुद को पवित्र या नैतिक सिद्ध करने की कला नहीं बनेव्यंग्य लेखन खुद को पवित्र या नैतिक सिद्ध करने की कला नहीं बने

कवि व व्यंग्यकार श्री धर्मपाल महेंद्र जैन से डॉ. सत्यवीर सिंह की बातचीत बैंकिंग, अर्थशास्त्र, विज्ञान, पत्रकारिता तथा साहित्य की व्यंग्य विधा को नयी ऊँचाइयों पर स्थापित कर भारती के भंडार को भरने वाले, मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल झाबुआ जिले ...

सर क्यों दाँत फाड़ रहा है?सर क्यों दाँत फाड़ रहा है?

इन दिनों पुलिस की पूछताछ चल रही है। पुलिस वालों को पुलिस वाले ही डंडे मार रहे हैं और जनता देख रही है। अख़बार वाले छाप रहे हैं। सरकार कुछ करने के बजाय खट्टे-मीठे चटखारे ले रही है। अभी तक ...

बागड़बिल्लों का नया धंधाबागड़बिल्लों का नया धंधा

प्रधानमंत्री कह रहे हैं हमारी सीमा में कोई नहीं घुसा। अप्रधानमंत्री कह रहे हैं दुश्मन हमारी सीमा में घुसा। रातों-रात देश में लाखों सीमा विशेषज्ञ उग आए हैं। फौज के भर्ती दफ्तरों पर भीड़ नहीं है पर टीवी चैनलों पर ...