Day: September 2, 2020

बादलों को चखने का समयबादलों को चखने का समय

जब बारिश में भीगना चुनता हूँ बेपरवाह हो जाता हूँ नहीं देखता तब कि कितना भरा है बादल कितनी तीखी हैं बौछारें कितनी तेज़ है हवा। अभिषेक की धार देखने के लिए ध्यानमग्न हो जाती हैं आँखें मुँह अपने विस्तार ...

आदिवासी होस्टल के बच्चेआदिवासी होस्टल के बच्चे

घर की कच्ची दीवारों में कभी गूंजी नहीं कोई प्रार्थना यहाँ सुबह शाम ज़ोर से गाना होती हैं प्रार्थनाएँ ताकि मास्टरजी को लगे बच्चे संस्कृति से जुड़ रहे हैं आदिवासी बच्चे हैं उनको रहना है भगवान भरोसे ही। घर के ...

आधुनिकता का चेहराआधुनिकता का चेहरा

मॉल में हमें कुछ ख़रीदना नहीं होता चीज़ों को उलटने-पलटने और कीमतें देखने के सिवा। श्रृंगार कविता-सी सजी-धजी मॉल फ़ुरसत के वक़्त में रूमानी बना देती है इसके चलते कागज़ का अधिकृत टुकड़ा अर्थशास्त्र बन जाता है। मॉल में कई ...

अ – अधिकार काअ – अधिकार का

वह था ग़रीब क्या मालूम ग़रीब पैदा हुआ था या हालात् ने कर दी थी यह हालत कुछ तो हुआ होगा अन्याय वरना उसके हिस्से भी वही सूरज था वही नदी थी, वही हवा थी फिर कहाँ हो गई चूक? ...

संविधानसंविधान

ना बाँचा, ना देखा, सिर्फ सुना है संविधान के बारे में पटवारी साब जानते हैं खसरा-खतौनी दरोगा साब जानते हैं गाली-गलौच कंपाउंडर साब जानते हैं दस रुपये वाली दवा मास्साब को मालूम है विधायक जी का पता पुजारी जी जानते ...

उस समय सेउस समय से

उस समय से इस समय तक बस गडरिए ही चले गर्दन झुका भेड़ें जुड़ती रहीं। करोड़ों भेड़ें लील गया महाभारत कलिंग में बहीं खून की नदियाँ धुँआ हो गया हिरोशिमा वियतनाम, ईरान से सीरिया तक आदमी ही कटा, गडरिए चलते ...

दो साल की वहदो साल की वह

एक अक्षर से बनता है शब्द उसका एक अक्षर से बनता है वाक्य उसका एक अक्षर से बनती है भाषा उसकी वह सब कह जाती है एक अक्षर में, जो चाहती है कहना। वह बोलती है – माँ तो पा ...

कल मिलो तोकल मिलो तो

कल मिलो तो साथ लानामाटी की वो ही महकजो तुम्हारी, बस तुम्हारी हैपारिजात फूलों की सुगंध,तुम-सी नहीं लगती। कल मिलो तो बाल वैसे ही भलेकहीं उलझे, कहीं बिखरेअभिजात्य केशों मेंउंगलियाँ नहीं फँसतीं, नहीं चलतीं। कल मिलो तो रंग पानी कातुम्हारी ...

प्यार से प्रश्नप्यार से प्रश्न

प्यार तुम, अनुभूति तुम, आयाम बन कर क्या करोगे?तुम हृदय के भाव हो, आवाज़ बन कर क्या करोगे? ज़िन्दगी की तुम महक, तुम जीवन की लालसा होदेह की सम्पूर्णता जब, भाग बन कर क्या करोगे? स्वास में, उछवास में, विश्वास ...

गॉड सेवगॉड सेव

दुनिया में एक ही देश होना चाहिए था अमेरिका एक ही शहर होना चाहिए था वाशिंगटन डीसी एक ही घर होना चाहिए था व्हाइट हाउस एक ही आदमी होना चाहिए था डॉनाल्ड ट्रंप। ईसा हो गए तो हो गए क्या ...